सफ़ेद दाग से छुटकारा पाने का आयुर्वेदिक तरीका Leucoderma Treatment Ayurveda

सफ़ेद दाग एक complicated रोग है . जितना जल्दी ये फैलता है, उतना ही धीरे ये ठीक होता है.

Allopathy अभी तक सफ़ेद दाग में न के बराबर काम करती है. वहीँ आयुर्वेद और होमियोपैथी से ये रोग जड़ से खत्म किया जा सकता है

मैं जल्दी ही सफ़ेद दाग में होमियोपैथी उपचार के बारे में लिखूंगा. लेकिन अभी के लिए इस article में सफ़ेद दाग का आयुर्वेदिक उपचार दे रहा हूँ.
सफ़ेद दाग से छुटकारा पाने का आयुर्वेदिक तरीका
सफ़ेद दाग से छुटकारा पाने का आयुर्वेदिक तरीका 

अगर आप सफ़ेद दाग के लिए होमियोपैथी का इलाज कर रहे हैं तब भी आप आयुर्वेद की दवा खा सकते हैं .

Leucoderma यानी सफ़ेद दाग के आयुर्वेदिक उपचार इस प्रकार हैं-

  • सफ़ेद दाग में बावची या बाबची के बीज रामबाण जैसे हैं.
  • बावची के बीज 200 ग्राम किसी भी पंसारी से खरीद लें. चाहो तो Amazon से भी ले सकते हैं . अब किसी गोशाला से काले रंग की गाय का मूत्र ले आएं. किसी मिटटी के बर्तन में गोमूत्र डाल कर उसमें बाबची के बीज डाल दें . 3 दिन भिगो कर रखने के बाद जब बीज फूल जाएं तब उन बीजों को निकाल कर खूब बारीक पीस लें. इस पेस्ट की चने के अकार की गोलियां बना कर सूखा लें . इसकी 1 गोली सुबह खाली पेट और एक शाम को खाली पेट कहानी हैं. दवा के आगे पीछे 2 घंटे कुछ भी न खाएं 
  • कुछ लोगों ने mail में लिखा है के वो गोमूत्र का प्रयोग नहीं करना चाहते. वैसे तो गोमूत्र और बाबची सफ़ेद दाग को जड़ से ख़त्म करने क लिए सब से अच्छा है. पर बाबची को बिना गोमूत्र के भी प्रयोग कर सकते हैं . बाबची का तेल और नीम का तेल मिला कर दिन में 2 बार दागो पर लगाएं . इसके साथ बाबची का चूर्ण दिन में 2 बार एक छोटी चम्मच पानी के साथ खाली पेट लें. 
  • एक चम्मच पीसी हल्दी सुबह उठते ही खा लें, ऊपर से एक कप हल्दी मिला दूध पी लें 

ये ऊपर लिखे उपाय कम से काम 2 months करके देखें. लाभ न हो तो नीचे एक और अनुभूत नुस्खा लिख रहा हूँ.

  • श्रीत्रारी रस 10 gram 
  • प्रवाल पिष्टी 10 gram 
  • गंधक रसायन 10 gram 
  • मंजिष्ठादि ताल सिन्दूर 5 ग्राम 
इस सबको मिला कर 30 हिस्सों में बना लें

सुबह शाम 1-1 हिस्सा खा लें . बेहतर होगा आप पुड़िया बना कर रख लें

  • पंचनिम्बादि वटी 2 गोली 
  • आरोग्यवर्धिनी वटी 2 गोली 
  • दोनो की 2-2 गोली दिन में 3 बार लें 
  • श्रीत्र नाशक तेल और चाल मोगरा तेल दोनों को बराबर मात्रा में मिला कर एक bottle में भर लें . दिन में 2 बार दाग पर लगाएं 

सफ़ेद दाग में परहेज

याद रखें, बिना परहेज के सफ़ेद दाग नहीं जायेगा. इसलिए परहेज का खास ध्यान रखें

  • हो सके तो 1 हफ्ते का उपवास रखें. कम से कम खाएं और त्रिफला चूर्ण या कायम चूर्ण रोज़ रात को खा कर पेट साफ़ कर लें. 
  • तला खाना, तेज़ मिर्च मसाला, smoking करना, शराब पीना मना है. 
  • अंडा , मांस मछली, डालडा , लाल मिर्च, खटाई, अमचूर, इमली, आंवला , अन्नानास , टमाटर , संतरा , अनार, अमरुद . खट्टे फल , केला , फूल गोभी, अरबी , भिंडी , खीरा , ककड़ी, मूली, उड़द और मसूर की दाल, काजू, दही, लस्सी 
  • सफ़ेद चीज़ कोई भी न खाएं, खानी ही हो तो कुछ मिला लें, जैसे दूध में हल्दी या केसर, या चावल में हल्दी. 

क्या ज्यादा खाएं


  • काला चना, चुकंदर, गाजर, पपीता, अंजीर, खजूर, बेसन की रोटी घी के साथ, खिचड़ी , मूंग - अरहर की दाल, लौकी, तोरई, हरी मिर्च, बथुआ, अनार, परवल, केसर, चन्दन , नीम की पत्तियां, शहद, हल्दी.

सफ़ेद दाग curable है, इसीलिए बिलकुल भी चिंता न करें, न ही हीनभावना अपने अंदर आने दें. दाग एकदम से नहीं जायेगा. पहले वो सफ़ेद से गुलाब होगा, बार-बार रंग बदलेगा, tension न लें, आप हमें contact भी कर सकते हैं

मैं जल्दी ही homeopathic इलाज भी लिखूंगा.
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