गठिया को ठीक करने के आसान तरीकें (Rheumatoid Arthritis Treatment In Ayurveda in Hindi)

Rheumatoid Arthritis Treatment In Ayurveda in Hindi
Rheumatoid Arthritis Treatment In Ayurveda in Hindi


आज दुनिया में सबसे ज़्यादा लोग गठिया (Arthritis)  से ही परेशान हैं, बड़े ही नहीं, नौजवान भी इस बिमारी का शिकार हो रहे हैं. आयुर्वेद में गठिया के बारे में बहुत सी बातें बोली गई हैं, आइये उन्हें जाने-

अपच (Indigestion) के कारण हम constipated महसूस करते है और हमारे शरीर में बनने वाली हवा दूषित हो जाती हैं, जब यह दूषित हवा शरीर के रक्त से मिलकर सभी organs में जाती है तो वह इकट्ठी हो जाती है जिससे बहुत दर्द और अकड़न होती हैं। इस चीज़ को आमवात (Rheumatism) कहते हैं और जब यह स्थिति लम्बे समय तक बनी रहे तो इसे Athritis यानि गठिया का नाम दिया जाता हैं।

इसलिए अपनी पाचन क्रिया को हमेशा सही रखना चाहिए.

Note: वैसे तो Allopathy के अनुसार, गठिया 3 प्रकार का होता है, लेकिन आयुर्वेद में तीनो का उपाय एक ही बताया गया है. 

गठिया के प्रमुख लक्षण (Symptoms of arthritis in hindi)

  • बिना किसी चोट के दर्द हो और ये दर्द एक सप्ताह से भी ज्यादा से हो रहा है।
  • जोड़ों में सूजन आये।
  • तबियत लगातार ख़राब हो और बुखार भी आने लगे।
  • जोड़ों में इतनी सूजन और कोमलता आ जाये कि छूते से ही दर्द शुरू होने लगे।

अब चलिए कुछ ऐसे नुस्खे देख लेते हैं जो हमे गठिया में मदद कर सकते हैं.

Rheumatoid Arthritis/Amavata Ayurvedic Treatment In Hindi


  1. शुरुआत में सुई के चुबने जैसा दर्द हो, तब सबसे पहले हमें constipation का उपाय करना चाहिए और पेट साफ रखना चाहिए. Constipation के कुछ घरेलु नुस्खे मैं जल्दी ही अपने नए article में आपको बताऊंगा।
  2. घुटनों (Knees) और जोड़ों (Joints) के दर्द के लिए, भाप की सिकाई करनी चाइये. भाप सेक विधि के बारे में आगे जानेगे।
  3. 20 ग्राम गिलोय (Giloy) का चूर्ण बना के 1 गिलास पानी में दाल ऊबाल ले। जब पानी एक चौथाई रह जाए तो उसे छान ले। यह गिलोय का काढ़ा तैयार हो गया।
  4. अब अरंडी (Castor oil plant) की roots को सुखा कर उसका powder बना ले, दिन में 3 बार इस powder को खाए और फिर गिलोय का काढ़ा पी ले। दर्द हल्का होगा।
  5.  दर्द वाली जगह की masaage करने से राहत मिलती हैं। इसके लिए एक साफ़ कांच की बोतल में 20 ग्राम टिल के तेल में 2 ग्राम कपूर डाल कर धुप में रख दे। जब दोनों मिल जाए तो उससे मालिश कर ले।
  6. असगन्ध (Ashwagandha, अश्वगंधा) के पौधे का चूर्ण बना ले, उसमें जितना पौधा हैं उतनी ही चीनी मिला कर तीन बार छाने और बोतल में भर ले। सुबह शाम इसका सेवन गरम व मीठे दूध के साथ कीजिये।
  7.  तोड़ी सी अजवाइन, गुग्गुल (bdellium-tree), मालकांगनी (Black oil plant) और कालादाना को अलग अलग पीस कर उसमें हल्का सा पानी मिला कर उसकी छोटी छोटी गोलियां बना ले। इसकी 2 गोलियां दिन में 3 बार गरम पानी क साथ लेने से गठिया में राहत मिलती हैं।
  8.  घुटने के दर्द को दूर करने के लिए, 20 ग्राम निर्गुण्डी (Chinese chaste tree) के पत्तो में 2 ग्राम लॉन्ग (Clove) मिला कर उसकी 4 गोलियां बना ले और दो गोलियां सुबह और दो शाम को खा ले। 


भाप सेख विधि:

दूषित हवा से आँख, सर, कमर, पीठ व घुटनों में दर्द हो जाता हैं, तब भाप की सिकाई हमे इस दर्द से राहत दिला सकती हैं।आईए जाने की कैसे इस विधि का उपयोग किया जाता हैं:


  • 2 लीटर पानी में थोड़ी से अजवाइन और 1-2 चम्मच साधा नमक डाल कर उबाल ले।
  • जब पानी में से भाप निकलने लगे तो उसे किसी छन्नी से ढक दें।
  • 2 छोटे पर मोटे कपडे या कोई नैपकिन ले, उसे पानी में भिगो कर निचोड़ ले। फिर उस कपड़े को 4 बार fold करके छन्नी पे रख दे।
  • जब कपड़ा गरम हो जाए तो उसे हटा ले और दूसरा कपड़ा रख दे।
  • अब इस गरम कपड़े को वहाँ रख दे जहाँ दर्द हो रहा हो तकरीबन 20-25 मिनट के लिए। इस विधि को ही भाप सेक विधि कहते हैं।


इस विधि के इस्तेमाल के वक़्त कुछ बातों का ध्यान रखें:

  • सर या नाभि के नीचे के हिस्सों पर इससे इस्तेमाल न करे।
  • इस पानी को आप 3 दिन तक use कर सकते हैं, चौथे दिन वापस से पूरी विधि repeat कीजिये।
  • जैसे ही दर्द ठीक हो जाए, भाप का सेक रोक दे।


आहार्य उपचार (Precautions):

गठिये के दौरान शरीर में Uric acid अधिक मात्रा में बनने लगता हैं, जो इस रोग को और भी ख़राब बना देता हैं। इसलिए इस एसिड को ज़्यादा बनने और Arthritis को नियंत्रण में रखने क लिए हमे कुछ precaution लेने चाहिए-


  • वजन को कम रखना चाहिए और ऐसी चीज़ें खानी चाहिए जिसमे cholestrol कम हो।
  • वही भोजन खाना चाहिए जिसमे Protein की मात्रा कम हो। इसलिए NOn-Veg का सेवन बिलकुल बंद कर देना चाहोये. शरीर में प्रोटीन (protein)  की कमी न हो उसके लिए दूध व पनीर का सेवन करना चाहिए।
  • शरीर काम करने के लिए energy बना पाए इसलिए हमे प्रोटीन कम और carbohydrates ज़्यादा खाने चाहिए। इस संतुलन से हमारे शरीर का metabolism process अच्छा रहेगा और दूषित चीज़ों का body में बनना कम होगा।
  • अगर शरीर में urine की मात्रा कम हैं तो दूध, छाछ, शरबत या सूप का सेवन कर सकते हैं| coffee और चाय भी सीमा में रह कर पी सकते हैं। परन्तु शराब या उससे बने पदार्थ नहीं।
  • कभी भी भूखे नहीं रहे। कुछ - कुछ देर में पानी या हल्का solid खाना या snacks खाते रहे।


अगर आप इन बातों  पर ध्यान देंगे और नियमित रूप से दवाई भी लेंगे तो अवश्य ही गठिये का रोग आपसे दूर रहेगा। अगर आप भी गठिया से परेशान हैं तो ये उपाय ज़रूर अपनाएं और हमे बनाये कि आपका अनुभव कैसा रहा।

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